शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी एवं रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखने वाले समाजसेवियों को 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नजरबंद रखा जाना गंभीर चिंता का विषय है। समाजसेवी लवकुश कुमार भारती, नंदलाल सिंह आजाद, धर्मेंद्र कुमार भास्कर, मुकेश कुमार सहित अन्य साथियों को अब तक नजरबंद रखा गया है। जनहित से जुड़े विषयों पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष रखना किसी भी नागरिक का अधिकार है। ऐसे मामलों में संवाद और सकारात्मक समाधान लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। जनहित के मुद्दे उठाने वालों को लंबे समय तक नजरबंद रखना उचित नहीं माना जा सकता। हम संबंधित प्रशासन से आग्रह करते हैं कि सभी समाजसेवियों को शीघ्र रिहा किया जाए तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, रोजगार एवं अन्य जनसमस्याओं पर सार्थक एवं सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की भावना सुदृढ़ बनी रहे।
लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
चित्रकूट
20 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी समाजसेवी नजरबंद, जनहित के मुद्दों पर संवाद की मांग
- by Netra 24 Times
- 09/07/2026
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- 5 days ago
