एसडीएम सदर दीपक गुप्ता व तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने केंद्रों का निरीक्षण कर लिया जायजा
गोरखपुर सदर तहसील अंतर्गत आयोजित किए जा रहे बड़े स्तर के सर्वेक्षण/गणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए त्रिस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार से किया गया। यह प्रशिक्षण गोरखपुर शहर के राजकीय जुबली इंटर कॉलेज एवं अयोध्या प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज में संचालित किया जा रहा है, जहां कुल सात-सात कक्षाओं में प्रशिक्षण सत्र आयोजित हो रहे हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 1592 प्रगणक (Enumerators), 261 सुपरवाइजर तथा 26 प्रशिक्षकों (ट्रेनर) को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण को तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिसका पहला चरण आज से प्रारंभ हो गया है।
प्रशिक्षण के पहला चरण आज से23 अप्रैल तक सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में एसडीएम सदर दीपक गुप्ता तथा डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह दोनों प्रशिक्षण केंद्रों—राजकीय जुबली इंटर कॉलेज और अयोध्या प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज—पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों, सुपरवाइजरों एवं ट्रेनरों से सीधे संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, समझ और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रतिभागियों से पूछा कि उन्हें प्रशिक्षण में कोई कठिनाई तो नहीं आ रही है और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षकों को निर्देश भी दिए कि सभी बिंदुओं को सरल एवं स्पष्ट तरीके से समझाया जाए।
एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने कहा कि यह प्रशिक्षण आगामी कार्यों की सफलता की नींव है, इसलिए सभी प्रतिभागी इसे गंभीरता से लें और प्रत्येक पहलू को अच्छी तरह समझें। उन्होंने जोर देकर कहा कि फील्ड में कार्य करते समय किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान ही सभी शंकाओं का समाधान कर लिया जाए।
तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने भी प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रतिभागी समय से प्रशिक्षण में उपस्थित रहें और दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सदर तहसील प्रशासन के अन्य नायब तहसीलदार भी मौजूद रहे और उन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशिक्षण केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, अध्ययन सामग्री, तकनीकी सहायता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के आगामी चरणों की बात करें तो दूसरा चरण 28, 29 और 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जबकि तीसरा एवं अंतिम चरण 4, 5 और 6 मई को संपन्न होगा। इन चरणों में भी बड़ी संख्या में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी संबंधित कार्मिकों को पूर्ण रूप से प्रशिक्षित कर फील्ड कार्य में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके लिए प्रशिक्षण को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जनपद प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि आगामी सर्वेक्षण/गणना कार्य पूरी सटीकता, पारदर्शिता और दक्षता के साथ संपन्न हो सके।
