सिद्धार्थनगर शासकीय एवं परिषदीय विद्यालयों में कक्षा-8 में अध्ययनरत छात्रों द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. उत्तीर्ण करने पर सरकार द्वारा छात्रों को 12,000/-रू0 प्रतिवर्ष के औसत से लगातार चार वर्षों यानी कक्षा-12 तक लगातार अध्ययनरत रहने पर कुल 48,000/-रू0 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
कक्षा-7 में 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र ही राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की परीक्षा देने हेतु पात्र होते हैं।
परिषदीय एवं शासकीय विद्यालयों में कक्षा-8 में अध्यनरत छात्र ही प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति/एन.एम.एम.एस.एस. की परीक्षा में प्रतिभाग कर सकते हैं जिसमें जून से अगस्त माह तक आवेदन करना होता है और इसका परिणाम दो से तीन महीने अथवा मार्च माह तक आने की सम्भावना रहती है। आम तौर पर उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. का परीक्षा परिणाम मार्च माह में घोषित किया जाता है। चूँकि विभिन्न राज्यों में परीक्षा की तिथियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए नतीजों की घोषणा भी अलग-अलग समय पर की जाती है।
छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्न 180 में से कम से कम न्यूनतम 72 अंक यानी 40 प्रतिशत सामान्य वर्ग के लिए तथा 57-58 अंक यानी 32 प्रतिशत अन्य पिछड़े वर्ग/एस0सी0/एस0टी0 के अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण होने हेतु अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की परीक्षा में कुल 180 प्रश्न में से 90 प्रश्न मानसिक योग्यता परीक्षण तथा 90 प्रश्न शैक्षिक योग्यता परीक्षण से इस प्रकार कुल 180 अंक का प्रश्नोत्तर होता है। उक्त परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को मानसिक योग्यता परीक्षण एवं शैक्षिक योग्यता परीक्षण में अलग-अलग न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं छात्रों के लिए सिर्फ न्यूनतम अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं होता है बल्कि छात्रवृत्ति के लिए अंतिम चयन प्रदेश स्तर पर बनने वाली मेरिट-लिस्ट के आधार पर होता है। मेरिट लिस्ट प्रत्येक राज्य और जिले में वहां के छात्रों के प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त छात्रों द्वारा कक्षा-9 में प्रवेश करने के बाद एन0एस0पी0 की अधिकारिक वेबसाईट/पोर्टल पर छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करना होता है उसके पश्चात विद्यालय द्वारा सत्यापन किया जाता है फिर उसके बाद जिले स्तर पर एवं प्रदेश स्तर पर तथा उसके बाद केन्द्रीय स्तर पर छात्रों द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु आवेदन की जांच और सत्यापन होता है। तत्श्चात शासन और विभाग द्वारा मेरी लिस्ट में छात्रों का चयन होता है उसके बाद टोकन नम्बर जारी किया जाता है तब जाकर छात्रों के खाते में सीधे डी0बी0टी0 के माध्यम से 12,000/-रू0 वार्षिक छात्रवृत्ति प्राप्त होती है।
इसी प्रकार प्रतिवर्ष छात्रों को राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की छात्रवृत्ति प्राप्त किये जाने हेतु प्रतिवर्ष नवीनीकरण एन0एस0पी0 पोर्टल की अधिकारिक वेबसाईट पर कराना होता है।
छात्रों को राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करने से पहले अपने खाता को बैंक में आधार सीडिंग एवं के0वाई0सी0 पूर्ण करा लेनी चाहिए उसके पश्चात ही राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की छात्रवृत्ति छात्रों के खाते में विभाग और शासन द्वारा सीधे अन्तरित की जाती है।
मुख्यालय स्थित खजुरिया निवासी अब्दुल मुबीन मन्सूरी की पुत्री निकहत परवीन को राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. उत्तीर्ण करने के उपरान्त छात्रवृत्ति की पहली वार्षिक किश्त मु0-12,000/-रू0 प्राप्त हुयी है। जिसके बाद परिवार के खुशी का कोई ठिकाना नहीं। निकहत परवीन के पिता अब्दुल मुबीन मन्सूरी ने कहा कि मेरी पुत्री निकहत परवीन शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है। वह श्री सिंहेश्वरी इण्टर कालेज, तेतरी बाजार से वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. उत्तीर्ण की उसके बाद वर्ष 2026 में राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की छात्रवृत्ति की पहली वार्षिक किश्त मु0-12,000/-रू0 एन0एस0पी0 पोर्टल पर आवेदन करने के पश्चात प्राप्त हो गयी है। उक्त छात्रवृत्ति की धनराशि मेरी बेटी के खाते में आने के बाद हमारे पूरे घर, परिवार के सदस्यों का कोई ठिकाना नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मेधावी छात्रों के उत्साहवर्द्धन हेतु राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा/एन.एम.एम.एस.एस. की सरकार द्वारा जो स्कीम चलायी गयी है छात्रों के लिए काफी प्रेरणादायक, जीवनदायी और उत्साहित प्रेरणादायक योजना है। इससे छात्रों का मनोबल काफी ऊँचा होगा और शिक्षा प्रति उनका ध्यान और आकर्षित होगा। निःस्संदेह यह परीक्षा समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता का अलख जगाने का बहुत सटीक साधन है।
निकहत परवीन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया और कहा कि इसमें मेरे माता-पिता के साथ मेरे घर परिवार के सारे सदस्यों ने मेरा उत्साहवर्द्धन और हौसला बढ़ाया और हमारे विद्यालय तथा कोचिंग के समस्त अध्यापकों के स्नेहिल और उचित मार्गदर्शन से यह उपलब्धि हासिल करने का मुझे सुअवसर प्राप्त हुआ है। जिनकी मैं हमेशा ऋणी रहूँगी।
सिद्धार्थनगर
12,000/-रू0 छात्रवृत्ति पाकर छात्रों के चेहरे खिले
- by Netra 24 Times
- 10/07/2026
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- 4 days ago
