सिद्धार्थनगर आये दिन फर्जी पत्रकार, तथाकथित पत्रकार, लिखने वाले चन्द लोगों की वजह से पत्रकारिता एवं पत्रकारों की छवि को धुमिल कर रहे हैं
ज्ञात हो कि आये दिन कुछ ऐसी खबरों को लेकर लोग चर्चा का बाजार गर्म करते रहते हैं। उन खबरों से न तो सरकार और न आम जनमानस का लाभ निहित है और न सरकारी योजनाओं का प्रचार उसमें सामिल होता है।
अब बात करे जन सरोकार से सम्बन्धित एक सीटी स्कैन सेन्टर का छपा जो विभागीय वर्जन के आधार पर पंजीकृत नहीं है की पुष्टि विभाग कर रहा है। पत्रकार से कोई लेना देना नहीं। यह खबर सरकार एवं सरकारी तंत्र तथा जनता के जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण रही।
अब सीटी स्कैन सेन्टर का नाम न छाप कर दूसरी कड़ी जोड़कर खबरों की एंगल अलग-अलग दिशाओं में मोड़ पर प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश को जानबूझकर टारगेट करते हुए तथा कथित पत्रकार, ब्लैकमेलर, फर्जी जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए जिला प्रशासन, न्यायिक प्रणाली, शासन प्रशासन के साथ आम जनमानस में छवि को धुमिल करने के उद्देश्य से मात्र व्हाट्सएप पर लिख कर शुभचिंतक ग्रुप में प्रसारित की गई, फिर उसे डिलीट कर दिया गया। जब इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार राहुल सिंह ने फोन कर जानकारी चाही तो फोन पर प्रेस क्लब को फर्जी करार देते हुए उसकी छवियां धुमिल की गई ।
जब यहां नहीं मन माना तो उक्त ने अपने साथियों के माध्यम से की ग्रुप प्रेस क्लब प्रदेश अध्यक्ष की छवि के साथ प्रेस क्लब की छवियां अबरार अहमद द्वारा धुमिल किया जा रहा है।
उपरोक्त घटनाक्रम के बावत
मा.प्रधानमंत्री, भारत सरकार नई दिल्ली, मा.मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश लखनऊ, पुलिस उप महानिरीक्षक, परिक्षेत्र बस्ती मण्डल बस्ती, उत्तर प्रदेश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर एवं जिलाधिकारी जनपद सिद्धार्थनगर सूचनार्थ प्रेषित।
अब नाराज़ प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्थानीय जिला प्रशासन को पत्र लिखकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किये जाने की मांग की है।
बंता दें कि वरिष्ठ पत्रकार राहुल सिंह, प्रेस क्लब, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी है। श्री सिंह की जानकर बूझकर अबरार अहमद पुत्र अज्ञात नामक व्यक्ति द्वारा शुभचिंतक ग्रुप में अमर्यादित, तथाकथित, असमाजिक टिप्पणी, अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए ब्लैक मेल और फर्जी पत्रकार जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए ग्रुप में प्रचारित कर रहा है। जबकि प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह द्वारा जरिए मोबाइल अबरार अहमद से बात हुई तो अबरार अहमद ने सार्थक जबाब न देते हुए अपना फोन किसी और को पकड़ा दिया या स्वयं बात कर रहा है या इनके साथ कौन कौन लोग सामिल है। अवरार अहमद ही बतायेंगे। अब अबरार अहमद के फोन पर दूसरा व्यक्ति कौन है जो प्रेस क्लब को फर्जी बता रहा है। जबकि पत्रकार समुदाय और अधिवक्ता समूह को बुद्धजीवियों के श्रेणी में लिखा जाता है। अब उपरोक्त व्यक्ति द्वारा जनपद/राज्य/देश में शुभचिंतक ग्रुप के माध्यम से प्रेस क्लब और उनके सदस्यों तथा पदाधिकारियों की जानबूझकर मोबाइल व ग्रुप के माध्यम से प्रशासन और न्याय प्रणाली के साथ साथ समाजिक स्तर पर असंसदीय भाषाओं में पोस्ट लिखकर छवियां धुमिल कर रहा है जो अपराधिक गतिविधियों के तहत दण्डनीय अपराध है।
अब उपरोक्त के इस कृत्य से प्रेस क्लब व उनके सदस्य तथा पदाधिकारीगण आहत हैं। क्योंकि निजता का उलंघन अबरार अहमद नामक युवक खुद कर रहा है और निजता की बात करते हुए दूसरे को सलाह दे रहा है।
अब उक्त मामले में अबरार अहमद पुत्र अज्ञात, के साथ अन्य लोगों का स्क्रीन साट और आडियो क्लिक के आधार पर कार्यवाही की मांग की है।
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने आसंका जाहिर करते हुए कहा है कि उक्त लोग घेराबंधी, गोलबंदी करके किसी पत्रकार व प्रेस क्लब सदस्यों व पदाधिकारियों का अपहरण कर हत्या न कर दें। क्योंकि इस घटना के पूर्व भी कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रेस क्लब के शपथग्रहण के लाखों रुपए का बैनर भी फाड़कर चुरा लिया गया था। जिसमें चोरी का मुकदमा अपराध संख्या – 0187 / 2026, धारा – 303 (2), थाना सिद्धार्थनगर में दर्ज है, अब उक्त मामले में पुलिस अभियुक्तों की तलाश कर रही है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने घटनाक्रम के बावत लिखित तहरीर जिला प्रशासन को सौंपा है। प्रेस क्लब के राष्ट्रीय कमेटी और प्रेस क्लब सिद्धार्थनगर के जिला अध्यक्ष भारत कन्नौजिया ने अपने पत्र में शामिल नामों के आधार पर कार्यवाही की मांग की तो अपर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। अब उधर प्रेस क्लब द्वारा उपरोक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की मांग उठाई है।
