“पुस्तक दान महादान” अभियान के माध्यम से पाठा क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने का प्रयास रुकमा बुजुर्ग (चित्रकूट)। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से पाठा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रुकमा बुजुर्ग में निर्मित सार्वजनिक पुस्तकालय के संचालन एवं विकास के लिए “पुस्तक दान महादान” अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र के शिक्षकों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी जागरूक नागरिकों से पुस्तकालय हेतु पुस्तकों के सहयोग की अपील की गई है। समाजसेवी मुकेश कुमार ने कहा कि आज भी पाठा क्षेत्र के अनेक छात्र-छात्राएं और युवा आर्थिक एवं संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री से वंचित हैं। ऐसे में एक समृद्ध पुस्तकालय उनके लिए ज्ञान का केंद्र बन सकता है, जहां वे विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं होता, बल्कि यह समाज में बौद्धिक चेतना, जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम होता है। पुस्तकालय युवाओं को नशे, सामाजिक कुरीतियों और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर उन्हें शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास की ओर प्रेरित करता है। अभियान के तहत विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य, इतिहास, भारतीय संविधान, विज्ञान, कृषि, पर्यावरण, सामाजिक अध्ययन, प्रेरणादायक महापुरुषों के जीवन चरित्र, बाल साहित्य एवं अन्य उपयोगी विषयों से संबंधित पुस्तकों का सहयोग आमंत्रित किया गया है। पुरानी लेकिन अच्छी स्थिति में उपलब्ध पुस्तकें भी पुस्तकालय के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी। मुकेश कुमार ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति कम से कम एक पुस्तक भी पुस्तकालय को दान करता है, तो बहुत कम समय में यह पुस्तकालय हजारों पुस्तकों से समृद्ध होकर क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ज्ञान का बड़ा केंद्र बन सकता है। यह पुस्तकालय आने वाली पीढ़ियों के शैक्षिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने पाठा क्षेत्र के सभी प्रवासी नागरिकों, शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शिक्षा प्रेमियों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। साथ ही कहा कि यह केवल पुस्तक संग्रह का अभियान नहीं है, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक विकास का एक जनआंदोलन है। बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम सब मिलकर शिक्षा की मशाल को और अधिक प्रज्वलित करें तथा पाठा क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे एक पुस्तक का दान, अनेक सपनों को नई उड़ान।
मुकेश कुमार(समाजसेवी)
