विश्व पर्यावरण के दिवस” पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आर्यनगर दक्षिणी गोरखपुर प्रांत के नगर कार्यकारणी द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर पक्की बाग गोरखुपर के प्रागंण में बृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण दिवस के सम्बन्ध में नगरकार्यकारणी आर्यनगर के नगर प्रमुख पर्यावरण सरक्षण श्री फागू प्रसाद चौरसिया द्वारा कार्यक्रम में उद्बोधन के दौरान अपने विचार व्यक्त किया गया है। नगर प्रमुख पर्यावरण संरक्षण द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय में सबसे बड़ी आवश्यकता है। राष्ट्रीय सेवक संघ का मानना है कि प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि उसके साथ समन्वय (प्रकृति के अनुकूल जीवन) ही हमारी संस्कृति है। प्रकृति की रक्षा की हमारे आने वाले पीढियों की रक्षा है।
साथियों वर्तमान में जिस विकास की अंधी मे दौड़ में हम दौड़ रहे है, उसने हमारी धरती, हवा और पानी को गंभीर रूप से प्रदूषित कर दिया है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को कभी उपभोग की वस्तु नहीं माना गया है, बल्कि हमारी परम्पराओं में नदी, पर्वतो तथा पेड़ों को पूजनीय माना गया है।
साथियों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मानना है कि पर्यावरण की समस्या सरकारों तथा उनके कानूनों से नहीं सुलझ सकती है, बल्कि इसके लिए हमे अपनी जीवन शैली में बदलाव लाना होगा। परम पूज्य सरसंघ चालक द्वारा जी अक्सर कहते है कि हमे प्रकृति का दोहन करना चाहिए, शोषण नहीं। पर्यावरण संरक्षण को हमे अपने दैनिक जीवन बनाना होगा। इसके लिए हम तीन प्रमुख बातों पर ध्यान दे सकते है:-‘
वृक्षा रोपण। हमारा दायित्व केवल बृक्ष लगाना ही नहीं है, बल्कि उसका संरक्षण करना भी हमारा दायित्व होना चाहिए।
प्लास्टिक से मुक्ति। प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े से बने झोले तथा जूट के बैग का प्रयोग कर सकते है।
जल संरक्षण पानी का एक-एक बूद जीवन के लिए कीमती है। वर्षा जल संचयन हम कर सकते है।
दैनिक कार्यों में जल के अपव्यय को रोक सकते है। कार्यक्रम का समापन श्रीमान् आत्मा सिंह, माननीय विभाग सह संचालक के उदबोधन के साथ किया गया है।
कार्यक्रम में निम्नानुसार पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विभाग सह संचालक श्रीमान आत्मा राम जी
भाग सह संचालक श्रीमान राजाराम
विभाग सह संचालक श्रीमान नन्द किशोर
नगर संचालक श्रीमान रामजी ।
नगर सह संचालय जयप्रकाश व आदि लोग उपस्थित रहे
