निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी0एन0 द्वारा सर्वप्रथम सयंुक्त कार्यालय के विभिन्न पटलो को देखा गया। जिलाधिकारी द्वारा राजस्व अभिलेखागार, आंग्ल अभिलेखागार, जूडीशियल अभिलेखागार, आपदा कार्यालय, एलआरसी कक्ष, उपजिलाधिकारी न्यायिक कक्ष, प्रोबेशन कार्यालय, पिछड़ा वर्ग कार्यालय, कोषागार, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी कार्यालय, आबकारी अधिकारी कार्यालय आदि का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने एलआरसी को निर्देश दिया कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना का कोई भी प्रकरण लम्बित न रहे। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में स्थापित विभिन्न विभागो के कार्यालयाध्यक्षो को निर्देश देते हुए अपने कार्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था ठीक करा लें तथा पत्रावलियों का रख-रखाव ठीक ढंग से करें। राजस्व अभिलेखागार में साफ-सफाई व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा ईआरके, आर0ए0, जे0ए0, खान निरीक्षक, आर0आर0के0, सुजीत कुमार श्रीवास्तव, शैलेन्द्र, ध्रुव तिवारी, कार्मिक अनुपस्थित पाये गये। एस0एल0ओ0 कार्यालय में 04 कर्मचारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय में 01 कर्मचारी, कोषागार कार्यालय में 02 कर्मचारी, संयुक्त कार्यालय में 03 कर्मचारी, खाद्य सरक्षा विभाग में 02 कर्मचारी तथा भू-लेख में 01 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। जिलाधिकारी द्वारा अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन अवरूद्ध करते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी/कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय कार्यो का निष्ठापूर्वक सम्पादन करें इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। जिलाधिकारी ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन के निर्देशानुसार 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश व नायब तहसीलदार प्रतीक्षा मौर्या, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन, सांख्यिकी अधिकारी कलेक्ट्रेट, ड्रग इंस्पेक्टर को कार्यालय में उपस्थित न रहने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ नाजिर कलेक्ट्रट पुरूषोत्तम लाल श्रीवास्तव उपस्थित थे।
