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सिद्धार्थनगर 16 अक्टूबर 2026/की मेधावी बेटी श्रद्धा पांडेय ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा-2026 में 600 में 581 अंक (96.83%) हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा श्रद्धा पांडेय सांकेतिक रूप से एक दिन की जिलाधिकारी बनींसिद्धार्थनगर 16 अक्टूबर 2026/जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में विकास खण्ड बढ़नी के अन्तर्गत ग्राम पंचायत औदही कला में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआसिद्धार्थ नगर 16 अक्टूबर 2026/शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा व मूर्ति विसर्जन के दृष्टिगत शांति, सौहार्द एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल के साथ थाना ढेबरुआ के कस्बा बढ़नी में फ्लैग मार्च/पैदल गश्त किया गयासिद्धार्थ नगर 16 अक्टूबर 2026/शारदीय नवरात्रि दुर्गा पूजा व मूर्ति विसर्जन के दृष्टिगत शांति, सौहार्द एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल के साथ थाना शोहरतगढ़ के कस्बा शोहरतगढ़ क्षेत्र में फ्लैग मार्च/पैदल गश्त किया गयाथाना लोटन मिशन शक्ति पुलिस टीम द्वारा पारिवारिक विवाद का सफल निस्तारण, पुलिस की काउंसलिंग से पति-पत्नी के बीच सुलह थाना लोटन पुलिस द्वारा 02 नफर वारंटीगण को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय भेजा गया सिद्धार्थनगर 15 अक्टूबर 2026/आगामी निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में आज जिला निर्वाचन कार्यालय में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों(EVM), प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट शिवशरणप्पा जीएन द्वारा निरीक्षण किया गयासिद्धार्थनगर में महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत मेधावी छात्राओं को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की दी गई जानकारी, दिव्या मिश्रा बनीं एक दिन की प्रभारी चिकित्सा अधिकारीडॉ0 अभिषेक महाजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने जनता दर्शन में आये फरियादियों की समस्याएं/शिकायतों को सुना थाना लोटन पुलिस द्वारा एक नफर वारण्टी को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय भेजा गयाआयुक्त,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उ0प्र0 एवं जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में आज दिनांक 14/10/26 को नवरात्र पर्व के दृष्टिगत मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थ के विक्रय पर प्रभावी रोकथाम हेतु सहायक आयुक्त (खाद्य)-II के निर्देशन में विशेष छापामार अभियान चलाया गयाचकबंदी का लाभ, खुशी विकास एवं पुनर्निर्माणमिशन शक्ति फेज- 6 अभियान के तहत थाना शिवनगर डिडई मिशन शक्ति टीम द्वारा थाना क्षेत्र मे स्थापित दुर्गा पंडालो मे भ्रमणशील होकर महिलाओं/बालिकाओं को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया तथा महिला अपराध, साइबर अपराध सुरक्षा व हेल्पलाइन नम्बर, दहेज उत्पीड़न, नए कानून आदि के सम्बन्ध में पम्पलेट वितरित कर जागरुक किया गया कम्यूनिटी पुलिसिंग अभियान के तहत थाना कपिलवस्तु कम्युनिटी पुलिस टीम द्वारा थानाक्षेत्र के बजहा बाजार में स्थित स्कूल के प्रधानाचार्य से संवाद कर मानक के अनुरूप बच्चों के आने-जाने हेतु यातायात नियमों एवं निर्देशों से अवगत कराया गया डॉ0 अभिषेक महाजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने जनता दर्शन में आये फरियादियों की समस्याएं/शिकायतों को सुना समाजवादी नेता स्व. बृजभूषण तिवारी का जीवन परिचय“ग्राम सुरक्षा में योगदान, ग्राम प्रहरियों का सम्मान” कार्यक्रम का रिजर्व पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर में हुआ सजीव प्रसारणसिद्धार्थनगर 13 अक्टूबर 2026/जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा निर्माणाधीन विपश्यना केन्द्र, कपिलवस्तु का निरीक्षण किया गयाजनपदीय एण्टी थेफ्ट टीम व थाना बांसी पुलिस एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्यवाही में ट्रैक्टर व ट्राली चोरी की घटना का सफल अनावरण, अभियुक्त को अवैध देशी तमंचे के साथ किया गया गिरफ्तार थाना शिवनगर डिडई पुलिस द्वारा एक नफर वारण्टी को गिरफ्तार किया गया तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय भेजा गया
सिद्धार्थनगर

सही मायने में गृहस्थी की सच्ची खुशी औलाद की मुस्कान से ही होती है पूरी : सर्जन डॉ0 रूही परवीन

आज के दौर में बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण बांझपन (Infertility) एक गम्भीर समस्या बनकर उभरा है। ऐसे में सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ स्थित डॉ0 अंसारी हॉस्पिटल की मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ सर्जन डॉ0 रूही परवीन नि:संतान दम्पत्तियों के लिए आशा की एक नई किरण साबित हो रही हैं। सर्जन डॉ0 रूही परवीन ने बांझपन के बारें में बताया कि किसी दम्पत्ति का गर्भधारण करने और सन्तान उत्पन्न करने में असमर्थ होना। बांझपन को बिना गर्भनिरोधक के नियमित यौन सम्बन्ध बनाने के एक वर्ष के बाद गर्भधारण न कर पाने या गर्भावस्था को जीवित बच्चे के जन्म तक न पहुंचा पाने के रूप में परिभाषित किया जाता है। बांझपन पुरुष या महिला दोनों को प्रभावित कर सकता है और इसके कई कारण हो सकते हैं।
महिलाओं में बांझपन के प्रमुख कारण हैं :
PCOD/PCOS : महिलाओं में हार्मोनल असन्तुलन के कारण अण्डों का सही समय पर न बनना।

  1.  फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉक : ट्यूब बन्द होने के कारण गर्भधारण में समस्या।
  2.  एण्डोमेट्रियोसिस : गर्भाशय की आन्तरिक परत से जुड़ी समस्याएं।
  3.  बढ़ती उम्र और तनाव : कैरियर की भागदौड़ और मानसिक तनाव का प्रजनन क्षमता पर बुरा असर।
  4.  खराब जीवनशैली : जंक फूड का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी।
    सर्जन डॉ0 रुही परवीन ने यह भी बताया कि कभी-कभी ऐसा भी होता है कि जब महिलाओं की रिपोर्ट्स जैसे अल्ट्रासाउण्ड, ट्यूब टेस्ट और हार्मोन बिल्कुल नॉर्मल हों, फिर भी वह माँ नहीं बन पातीं यानी गर्भधारण न हो तो ऐसी स्थिति में निम्न पहलुओं पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जैसे
    पुरुष बांझपन (Male Infertility) :
    शुक्राणुओं की संख्या में कमी (Low Sperm Count) और शुक्राणुओं गतिशीलता (Motility) का कम होना या बनावट में खराबी।
    अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी (Unexplained Infertility) :
    अण्डे और शुक्राणु का सही मिलन न होना या निषेचन (Fertilization) में कोई सूक्ष्म तकनीकी बाधा।
    गर्भाशय का वातावरण :
    गर्भाशय की आन्तरिक परत (Endometrium) भ्रूण को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होती।
    तनाव और मानसिक अवरोध :
    अत्यधिक तनाव शरीर के भीतर ऐसे बायोकेमिकल बदलाव लाता है, जो गर्भधारण की प्रक्रिया को बाधित कर देते हैं।
    सर्जन डॉ0 रुही परवीन ने आगे बताया कि एक दम्पत्ति जो अपने बच्चे को इस दुनिया में देखना चाहता है तो उसके लिए प्राउड मोमेंट्स कैसे है सम्भव के बारें में कहा कि इलाज के दौरान हमारी पूरी कोशिश होती है कि हम हसबैंड और वाइफ दोनों के ही रिपोर्ट्स निकालते हैं। दोनों को ही दवाओं, फिजिकल फिटनेस के सहारे गर्भधारण प्रक्रिया तक पहुंचाते है और यही नहीं इलाज के दौरान गर्भ में पल रहे बेबी की भी निगरानी पूरे नौ महीने या यूं कहें बच्चे के जन्म। वहीं इलाज दौरान मरीज को बहुत धैर्य रखने की जरूरत है।
    आधुनिक तकनीक और अनुभव का संगम :
    सर्जन डॉ0 रुही परवीन ने बताया कि हमारे शोहरतगढ़़ स्थित डॉ0 अंसारी हॉस्पिटल जो अपनी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और मेरे कुशल मार्गदर्शन के लिए पूरे क्षेत्र में जाना जाता है। कहा कि अपनी संवेदनशीलता और सटीक निदान (Diagnosis) के लिए मशहूर हैं। वहीं बांझपन से जूझ रही महिलाओं का न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक उपचार भी करती हैं। उन्होंने कहा कि मेरे डॉ0 अंसारी हॉस्पिटल में बांझपन के कारणों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि बांझपन अब लाइलाज नहीं है। सही समय पर परामर्श और आधुनिक चिकित्सा पद्धति से अधिकांश मामलों में गर्भधारण सम्भव है।
    सटीक परामर्श :
    मरीज़ की मेडिकल हिस्ट्री का गहराई से अध्ययन।
    जटिल केसों का समाधान : पीसीओडी (PCOD), हार्मोनल असन्तुलन और बार-बार होने वाले गर्भपात जैसे मामलों में उच्च सफलता दर।
    किफायती इलाज : ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के मरीजों के लिए उच्च स्तरीय इलाज को बजट के भीतर उपलब्ध कराना।
    क्षेत्र में शोहरतगढ़़ स्थित डॉ0 अंसारी हॉस्पिटल की मशहूर सर्जन डॉ0 रुही परवीन का बढ़ता विश्वास :
    शोहरतगढ़़ स्थित डॉ0 अंसारी हॉस्पिटल में केवल सिद्धार्थनगर ही नहीं, बल्कि आस-पास के जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल की सफलता की कहानियां सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी रहती हैं, जहां कई परिवारों ने वर्षों के इंतजार के बाद सन्तान सुख प्राप्त किया है। आधुनिक चिकित्सा और अपने दशकों के अनुभव से सर्जन डॉ0 रूही ने उन सूने आंगनों को खुशियों से भरा है, जहां सन्तान का सुख केवल एक अधूरा सपना बनकर रह गया था। सर्जन डॉ0 रूही का मिशन केवल इलाज करना नहीं, बल्कि हर निराश दम्पत्ति की गोद भरकर उन्हें जीवन की सबसे अनमोल सौगात देना है। उनका मानना है कि बांझपन के इलाज में धैर्य और डॉक्टर पर विश्वास सबसे जरूरी है। वह महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि सामाजिक लोकलाज को छोड़कर समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना ही मातृत्व का मार्ग प्रशस्त करता है।

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