पंचगव्य विद्यापीठम निरीक्षण विशेष रिपोर्ट नमस्कार, आप देख रहे हैं ……….. और मैं हूँ आपका अपना एंकर।
जनपद सिद्धार्थनगर के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत अहिरौला में स्थित पंचगव्य विद्यापीठम, । इस अवसर पर तमिलनाडु से पधारे गव्यसिद्ध डॉ. रणवीर सिंह जी ने केंद्र का निरीक्षण किया, मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य एवं स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
🎥 वीओ-1 (स्वागत एवं निरीक्षण दृश्य)
पंचगव्य विद्यापीठम, सिद्धार्थनगर विस्तार केंद्र में डॉ. रणवीर सिंह जी के आगमन पर क्षेत्रवासियों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्य सेवकों द्वारा उनका स्वागत किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवा केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
डॉ. रणवीर सिंह ने केंद्र में उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सा व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
🎥 वीओ-2 (मरीजों की जांच एवं चिकित्सा परामर्श)
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
डॉ. रणवीर सिंह जी ने कहा कि आज के समय में असंतुलित जीवनशैली और खान-पान के कारण अनेक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक चिकित्सा, पंचगव्य चिकित्सा तथा संतुलित आहार स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने गाय आधारित स्वास्थ्य विज्ञान, गौ उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग, प्राकृतिक उपचार पद्धतियों तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
🎥 वीओ-3 (गुरुजी का संबोधन)
अपने संबोधन में डॉ. रणवीर सिंह जी ने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपराएं आज भी मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। आवश्यकता है कि इनका वैज्ञानिक अध्ययन और व्यवहारिक प्रयोग किया जाए।
उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जुड़ें तथा समाज को स्वस्थ बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।
🎥 वीओ-4 (ADPT कोर्स एवं प्रशिक्षण दृश्य)
इस अवसर पर ADPT अर्थात Advanced Diploma in Panchagavya Therapy 2026 पाठ्यक्रम की भी जानकारी दी गई।
बताया गया कि इस पाठ्यक्रम की ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं जबकि ऑफलाइन कक्षाएं जुलाई 2026 से शुरू की जाएंगी।
यह कोर्स स्वास्थ्य सेवा, प्राकृतिक चिकित्सा एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी पंचगव्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परामर्श के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
🎥 वीओ-5 (उपस्थित लोगों के दृश्य)
कार्यक्रम के दौरान केंद्र संचालक गव्यसिद्ध डॉ. सुनील कुमार चौधरी सहित विजय सिंह चौधरी, रामनरेश चौधरी, शिव मनोहर पटेल, पंकज यादव, दीनानाथ, भारत यादव, विकास भारती, माता प्रसाद, सूरज चौधरी, दीपक पटेल एवं अनंतराम पाठक सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी एवं स्वास्थ्य सेवक उपस्थित रहे।
सभी ने पंचगव्य आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ ग्राम-स्वस्थ भारत के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।
पंचगव्य विद्यापीठम, सिद्धार्थनगर विस्तार केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है।
यदि आप भी पंचगव्य चिकित्सा एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।
📍 पंचगव्य विद्यापीठम, सिद्धार्थनगर विस्तार केंद्र
ग्राम पंचायत अहिरौला, ब्लॉक बढ़नी, जनपद सिद्धार्थनगर (उ.प्र.)
📞 संपर्क: 7800111808
🌱 स्वस्थ ग्राम – स्वस्थ भारत
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम
